‘आज’ अखबार में योगी की एकाग्रता - पत्रकारिता का सच- भाग 9
Sunday, 31 May 2009
‘आज’ अखबार में काम करते हुए 40 वर्ष की अवस्था में ही योगी की अवस्था में था। पत्रकारिता और योगी के सम्बंध से आश्चर्य का भाव किसी के मन में उत्पन्न हो सकता है। लेकिन मैं अपने अनुभव के आधार पर यह बात कह सकता हूं कि योगी बन कर ही प्रतिबद्दता के साथ पत्रकारिता की जा सकती है। ‘कठोपनिषद्’ में आत्मा को देवता माना गया है-वैसा देवता जो ऐश्वर्यवान होने के बाद भी उन्मत्त नहीं हो जाता। आगे पढने के लिए यहाँ क्लिक करें। क्लिक करें।
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